मायके का बंद दरवाज़ा
माँ-पापा के जाने के बाद पहली दिवाली… सिया को उम्मीद थी कि भाई-भाभी आएंगे और मायके की कमी कुछ पल के लिए ही सही, पूरी हो जाएगी। लेकिन दरवाज़ा नहीं खुला। वजह थी—उसने माता-पिता की संपत्ति में अपना हिस्सा माँगा था। क्या अपना हक़ लेने के बाद बेटी का मायका पराया हो जाता है? पढ़िए रिश्तों, अधिकार और एक बेटी के इंतज़ार की भावुक कहानी।