रेंट पर घर लेना किसी झंझट से कम नहीं होता है। पर चिंता न करें । आप कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रख कर अपने लिए एक अच्छे आशियाने की तलाश कर सकते हैं।
इस लेख में हम आपको बताएंगे कि घर किराए पर लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए , ताकि भविष्य में किसी भी तरह का पछतावा न हो।
( 1 ) जरूरत की चीजों की कर लें जांच पड़ताल :
किराए का घर लेते समय छोटी-छोटी सुविधाओं जैसे कुकिंग गैस कनेक्शन, पीने का पानी, बिजली ,पावर बैकअप, पार्किंग, आदि का ध्यान दें। घर किराए पर लेते समय खिड़कियों का काफी ध्यान देना चाहिए । घर में धूप और हवा अच्छे से आनी चाहिए । जिससे घर का वेंटिलेशन सही बना रहे। ध्यान रखें कि जिस घर में खिड़कियां नही हो, उस घर में बहुत घुटन महसूस होती है। रोशनी और हवा का प्रबंध करने के लिए बिजली का खर्चा भी बढ़ जाता है।
( 2 ) घर की लोकेशन :
किराए का घर लेते समय लोकेशन का खास ध्यान रखना चाहिए। घर की लोकेशन ऐसी होनी चाहिए जिससे आप कम समय में ऑफिस जा पाएं । अगर आपके बच्चे हैं तो उनका स्कूल भी पास होना चाहिए। इसके अलावा जिम, मार्केट, हॉस्पिटल आदि घर के पास होने से ट्रैवलिंग कॉस्ट और ट्रैवलिंग टाइम दोनों की बचत होती है। इमरजेंसी सिचुएशन में, घर से ज्यादा दूर मार्केट होने पर , सामान लाने में बहुत दिक्कत होती है। घर से बस स्टैंड , रिक्शा स्टैंड या मेट्रो स्टेशन भी पास होना चाहिए।
( 3 ) शिफ्ट करने से पहले घर की अच्छे से जांच करें :
किराए पर घर लेने से पहले उस घर की जांच करें। अधिकतर लोग छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देते है, लेकिन घर लेने से पहले मकान को जरूर चेक करना चाहिए । रेंट पर रूम लेते वक्त पंखा लगा है या नहीं, एसी या कूलर की क्या व्यवस्था है । फर्नीश्ड घर ले रहे हैं तो मौजूदा फर्नीचर की स्थिति सही है या नहीं । अगर नहीं तो उन्हें ठीक करवाने की जिम्मेदारी किसकी होगी ये बहुत जरूरी सवाल है । क्योंकि कई बार मकान मालिक किराएदार पर छोड़ देते हैं और अगर खुद करवाने की जिम्मेदारी लेते हैं तो सिक्योरिटी मनी से उन्हें काट लेते हैं। अगर घर में कोई टूट-फूट है तो उसकी फोटो खींच लें साथ ही मकान मालिक को इसकी जानकारी दें ताकि बाद में इस विषय पर कोई बहस न हो। इन सभी चीज़ों के बारे में भी साफ-साफ पूछ लें। बिजली , पानी और गैस के मीटर की रीडिंग नोट कर लें जिससे बाद में किसी तरह की कोई समस्या न हो।
(4) मकान मालिक के साथ लिखित में रेंट एग्रीमेंट जरूर कर लें :
जब रेंट पर मकान लें तो एग्रीमेंट में लिखे सभी नियम और शर्तों पर ध्यान जरूर दें। एग्रीमेंट में किराए की तारीख, मेंटेनेंस चार्ज और किसी भी तरह की पेनाल्टी के बारे में पहले ही पढ़ लें, ताकि बाद में आपको किसी भी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े । खासतौर से इन बातों पर फोकस करना कि रेंट कितने महीने बाद बढ़ाया जाएगा, सिक्योरिटी मनी कितनी देनी है और मकान छोड़ने के टाइम उसे कैसे एडजस्ट करेंगे । घर खाली करते समय कब और कितना डिपॉजिट वापस मिलेगा। कई बार मकान मालिक घर खाली करते समय टूट-फूट के पैसे काट लेते हैं। इसलिए सारी बातें पहले ही डिस्कस कर लें। जिससे बाद में कोई बवाल न हो।
(5) हाउसिंग सोसाइटी के सभी नियमों को ध्यान से पढ़े :
घर शिफ्ट करने से पहले हाउसिंग सोसाइटी के सभी नियमों को ध्यान से पढ़े । जैसे-घर आने-जाने का टाइम, किसी दूसरे व्यक्ति को रूम पर न लाने की शर्त, घर-परिवार के लोगों के आने पर किराए में बढ़ोत्तरी आदि। शिफ्ट करने से पहले हाउसिंग सोसाइटी से एनओसी लेना न भूलें।
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