होली की तैयारियां जोरो-शोरों पर है। रंगों से सजे इस त्यौहार में बनने वाले पकवान हर किसी के जीवन में मीठास घोल जाते है। फिर चाहे बात, गुझिया, दही भल्ले , नमकीन के साथ होली की खास ‘ठंडाई’ की ही क्यों न हो।ठंडाई को होली के दिन अधिकतर घरों में बनाया जाता है। ज्यादातर लोग होली के मौके पर मेहमानों का स्वागत ठंडाई से ही करते हैं। रंगों और पकवानों से भरी होली में ठंडाई पीने का अलग ही मजा है।
ठंडी -ठंडी ठंडाई होली की शान होती है। पर , क्या आपको पता है कि ठंडाई सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है?
तो आइए ,जाने कि होली में ठंडाई पीने के क्या-क्या फायदे हैं।
१. यह पाचन शक्ति को मजबूत करती है।
कहा जाता है, कि होली में गर्मी रहती है, ऐसे में तला भुना पकवान खाने से पेट में अनेकों तरह की समस्या उत्पन्न हो जाती हैं। ठंडाई उन सारी समस्याओं को दूर करने में काफी हद तक मदद करती है। यदि आप होली के दिन इसका सेवन करें, तो पेट में जलन जैसी समस्याएं दूर हो सकती हैं।
२ . ठंडाई पाचन क्रिया को तेज करती है।
ठंडाई का स्वाद बढ़ाने के लिए सौंफ का इस्तेमाल किया जाता है। सौंफ में एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते है जो पाचन क्रिया को मजबूत बनाने के साथ-साथ पेट को ठंडा रखते हैं।
३. ठंडाई शरीर को एनर्जी देती है।
ठंडाई में बादाम और पिस्ता के साथ साथ तरबूज और कद्दू के बीज भी डालते है। यह सभी चीजें हमारे शरीर को एनर्जी प्रदान करती है।
४ . ठंडाई बनाये इम्यून सिस्टम को मजबूत।
ठंडाई में काली मिर्च और लौंग जैसे कई मसाले मिलाए जाते हैं। इनसे मिलकर तैयार ठंडाई इम्यून सिस्टम के लिए काफी फायदेमंद होती है।
५. एंटी-डिप्रेशन है ठंडाई।
केसर मिलने के कारण यह एंटी डिप्रेशन और एंटीऑक्सीडेंट के तौर पर भी काम करती हैं।
इन सब फायदों के साथ-साथ ठंडाई कब्ज की समस्या में भी लाभ पहुंचाती है। ठंडाई में पड़ने वाला खसखस प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, फैट और मिनरल्स का स्रोत मन जाता है। यह पेट की जलन की समस्या दूर करने के साथ-साथ कब्ज की समस्या को दूर करने में मदद करता हैं। इसलिए ठंडाई सेहत के लिए काफी फायदेमंद है।
घर में ठंडाई बनाना बेहद आसान है।
ठंडाई पाउडर बनाने की विधि :
सामग्री :
1. गुलाब की पत्तियां – 20 gm
2. खसखस – 20 gm
3. काली मिर्च – 5 gm
4. हरी इलायची – 10 gm
5. पिस्ता – 20 gm
6. खरबूजे के बीज – 30 gm
8. सौंफ – 30 gm
9 बादाम – 60 gm
10. केसर – कुछ रेशे
12. चीनी – 200 gm
विधि :
१ . सबसे पहले ग्राइंडर का जार लीजिए।
२. जार में काली मिर्च , हरी इलायची , दालचीनी ,जायफल और 200 ग्राम चीनी डालकर बारीक पीस लीजिए। मधुमेह के रोगी चीनी की जगह शुगर फ्री / स्टीविआ पाउडर भी इस्तेमाल कर सकते है।
३. पिसे हुए मिश्रण को छलनी में डालकर छान लीजिए। अगर जरूरत हो तो छलनी में बचे हुए मोटे मिश्रण को एक बार फिर से मिक्सर में डालकर चीनी के साथ पीस लीजिए।
४. इसके बाद, मिक्सर जार में बादाम, पिस्ते, गुलाब पत्ती सौंफ, खरबूजे के बीज डालकर बारीक पीस लीजिए। इस मिश्रण को छानने की जरूरत नहीं है। ठंडाई पीते हुए बादाम पिस्ते के छोटे-छोटे टुकड़े मुँह में आते है तो ठंडाई का मजा दोगुना हो जाता है।
५. इस मिश्रण को सौंफ और काली मिर्च के मिश्रण में ही डाल कर अच्छे से मिक्स कर लीजिए। इसमें कुछ रेशे केसर के भी मिलाये।
६. इस सारे मिश्रण को एकबार फिर से ग्राइंडर में चला लें ताकि मिश्रण एकसार हो जाए।
ठंडाई पाउडर बनकर तैयार है। ठंडाई पाउडर को किसी भी एअर-टाइट कंटेनर में भरकर रख दीजिए और 2 मास तक इसका उपयोग कीजिए।
पाउडर से ठंडाई बनाने के लिए एक गिलास में ठंडा दूध लीजिए और इसमें 1 चम्मच ठंडाई पाउडर डाल कर अच्छे से मिक्स कर दीजिए। यदि आपको ज्यादा मीठा पसंद है तो और चीनी मिलाएं। इसे गार्निश करने के लिए थोड़े से पिस्ते ठंडाई के ऊपर डाल दीजिए।
लीजिए , ठंडाई बनकर तैयार है !!
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